पोषण-स्वच्छता व्यवहार, सामाजिक-नैतिक मूल्य एवं डिजिटल सजगता पर विद्यालय स्वास्थ्य कार्यक्रम का प्रभाव: सीकर जिले का ग्रामीण-शहरी तुलनात्मक एवं सहसंबंधात्मक अध्ययन
Author
मामराज सिंह, डॉ. रूपेन्द्र मुनि अरोड़ा
Abstract
किशोरावस्था में पोषण-स्वच्छता आदतें, सामाजिक-नैतिक मूल्य तथा डिजिटल सजगता समग्र स्वास्थ्य के तीन परस्पर-संबद्ध किंतु विशिष्ट आयाम हैं। प्रस्तुत अध्ययन आयुष्मान भारत योजना अंतर्गत संचालित विद्यालय स्वास्थ्य कार्यक्रम के इन तीन आयामों पर प्रभाव का परीक्षण करता है, साथ ही ग्रामीण-शहरी तुलना एवं आयामों के अंतर्संबंध का विश्लेषण भी प्रस्तुत करता है। सीकर जिला, राजस्थान के 20 राजकीय विद्यालयों से यादृच्छिक रूप से चयनित 400 विद्यार्थियों (320 ग्रामीण, 80 शहरी) पर संरचित लिकर्ट-स्केल प्रश्नावली के माध्यम से आँकड़े संकलित किए गए। परिणामों से ज्ञात हुआ कि तीनों आयामों के औसत स्कोर तटस्थ मध्यबिंदु (3.00) से सांख्यिकीय रूप से सार्थक रूप से ऊपर रहे—पोषण-स्वच्छता (M = 3.825, d = 1.553), सामाजिक-नैतिक मूल्य (M = 3.985, d = 1.960) तथा डिजिटल सजगता (M = 3.791, d = 1.512)—सभी 'बड़े' प्रभाव-आकार की श्रेणी में। वेल्च के असमान-प्रसरण t-परीक्षण से समग्र स्कोर पर सार्थक ग्रामीण-शहरी अंतर उजागर हुआ (शहरी M = 4.041, ग्रामीण M = 3.876; t = 3.74, p < 0.001, d = 0.460)। पियर्सन सहसंबंध विश्लेषण से पाँचों आयामों के मध्य मध्यम, सार्थक धनात्मक सहसंबंध (r = 0.327–0.432, p < 0.001) प्राप्त हुआ, तथा बहु-प्रतिगमन विश्लेषण में अन्य चार आयामों ने डिजिटल सजगता के प्रसरण का 29.8 प्रतिशत व्याख्यायित किया। निष्कर्ष यह दर्शाते हैं कि कार्यक्रम इन तीनों आयामों पर सार्थक सकारात्मक प्रभाव डाल रहा है, तथापि डिजिटल सजगता में ग्रामीण-शहरी अंतराल तथा सूचना-पहुँच-निर्भर आयामों में असमानता तात्कालिक नीतिगत ध्यान की माँग करती है।
Keywords
शिद्यालय स्वास्थ्य काययक्रम, पोषण एिंस्वच्छता, सामाशजक-नैशतक मूल्य, शडशजटल सजगता, ग्रामीण-शहरी तुलना, सहसंबंध शिश्लेषण
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