भारतीय संविधान के अंतर्गत अपराधी की परिवीक्षा (Probation of Offenders)
Author
HIMMATSINGH DAWAR, Pro. Roshani Pandey
Abstract
अपराधी की परिवीक्षा (Probation) आपराधिक न्याय व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण सुधारात्मक व्यवस्था है। इसका मुख्य उद्देश्य अपराधी को केवल दंड देना नहीं, बल्कि उसमें सुधार लाकर उसे समाज की मुख्यधारा में पुनः स्थापित करना है।
परिवीक्षा का अर्थ है कि किसी अपराधी को कारावास में भेजने के स्थान पर कुछ निर्धारित शर्तों के अधीन समाज में रहने का अवसर दिया जाता है। इस अवधि में अपराधी को अच्छे आचरण एवं कानून का पालन करना होता है।
भारतीय आपराधिक न्याय व्यवस्था में परिवीक्षा का उद्देश्य अपराधियों को सुधारने, जेलों में भीड़ कम करने तथा अपराधियों के पुनर्वास को प्रोत्साहित करना है।
Keywords
अपराधी परिवीक्षा अधिनियम, परिवीक्षा अधिकारी, सदाचार की परिवीक्षा, सुधारात्मक न्याय सिद्धांत
Full Text:
References
- - [अपराधी परिवीक्षा अधिनियम, 1958 – India Code]